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Ayoddhya Structure Ruin case:28 वर्ष बाद सीबीआई आज सुनाएगी फ़ैसला,आडवाणी व जोशी के कोर्ट में पहुंचने में संशय

देश की राजनीति में उथल पुथल कर देने वाले अयोध्या बाबरी विध्वंस मामले में बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत फैसला सुनाने वाली है 28 साल से चल रहे इस मुकदमे में भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता आरोपित रहे हैं, और जिस समय फैसला सुनाया जाएगा इनमें से अधिकांश नेता मौजूद रहेंगे, सूत्रों के हवाले से बताया गया की बाबरी विध्वंस का निर्णय करीब 2000 पेज के पार हो सकता है,सुनवाई होने के तुरंत बाद कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। सीबीआई व अभियुक्तों के वकीलों ने ही करीब 850 से 900 सौ पेज तक का लिखित बंहस दाखिल किया है, इस फैसले को सुनाने वाले विशेष जज एसके यादव के कार्यकाल का आज अंतिम फैसला होगा 30 सितंबर 2019 यानी की आज जज एसके यादव रिटायर्ड हो जाएंगे ।

लखनऊ हाई कोर्ट में ये नेता सुबह ही पहुंच चुके हैं 

राम प्रसाद वेदांती विनय कटियार, धर्मदास, चंपत राय, पवन पांडे और लल्लू सिंह लखनऊ हाईकोर्ट पहुंच चुके हैं, जबकि बाबरी विध्वंस में आरोपित डॉ मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, महंत नृत्य गोपाल दास कोर्ट में नहीं पहुंच सके हैं ।

आपको बता दें कि लखनऊ स्थित हाईकोर्ट के पुराने परिसर में सुबह से ही विवादित ढांचा विध्वंस मामले के फैसले को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है,सुबह 11:00 बजे से इस मामले की सुनवाई प्रक्रिया प्रारंभ होगी । सीबीआई कोर्ट में जज, वादी, प्रतिवादी और उनके वकीलों के अलावा केवल कोर्ट स्टाफ को प्रवेश करने की इजाजत होगी ।

नृत्य गोपाल दास और उमा भारती के उपस्थिति में संशय

कोर्ट के द्वारा सभी 32 आरोपियों को फैसले के समय उपस्थित रहने के लिए कहा गया है हालांकि कई अभियुक्तों के मेडिकल कारणों से कोर्ट में पहुँचने की उम्मीद बहुत ही कम है,बताया जा रहा है उमा भारती कोरोना पॉजिटिव होने के चलते अस्पताल में भर्ती हैं इसलिए उमा भारती कोर्ट में हाजिर नहीं हो सकती हैं वही नृत्य गोपाल दास को कुछ स्वास्थ्य संबंधी विकृतियों के कारण उनके भी कोर्ट पहुँचने पर  सस्पेंस है, सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता व बाबरी विध्वंस के प्रमुख आरोपी लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे हैं जिनके कारण वह भी कोर्ट में नहीं पहुंच पाएंगे, हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण सिन्हा के अनुसार कोर्ट बिना आरोपितों की उपस्थिति के भी फैसला सुना सकती है आरोपी सिद्ध होने पर एनबीडब्ल्यू जारी कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकती है ।

आरोपितों को निम्न सजाएं मिल सकती हैं

कोर्ट विशेषज्ञों के अनुसार जिन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है उनमें आरोपित दोषी सिद्ध हुए तो भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट के चेयरमैन महंत नृत्य गोपाल दास, सचिव चंपत राय बंसल, सतीश प्रधान व भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, सतीश प्रधान, राम विलास वेदांती एवं धर्म दास को अधिकतम 5 साल तक की सजा हो सकती है , इसी तरह बाबरी विध्वंस में आरोपित यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा सांसद साक्षी महाराज, अयोध्या के तत्कालीन डी एम आर एन श्रीवास्तव आदि के दोषी सिद्ध होने पर अधिकतम 3 साल तक कैद की सजा हो सकती है ।

Mishra Kuldeep

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